CTET November 2012 Question Paper-2

CTET November 2012 Question Paper-2 with Answer
Child DevelopmentMath and ScienceSocial ScienceLanguage-I (Eng)Language-II (Hindi)
Part-V: Language-II(Hindi)

निर्देश (प्रश्न 121-128): गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए।

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरूत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरूत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते।

Q121. ‘संस्कृत’ का अर्थ है

(a) आविष्कार करने वाला

(b) भाषा का नाम

(c) सभ्य

(d) इनमें से कोई नहीं

 Answer: (a) आविष्कार करने वाला

Explain: गद्यांश के अनुसार संस्कृत व्यक्ति आविष्कार करने वाला है।

Q122. वास्तविक संस्कृत व्यक्ति वह है जो

(a) नए आविष्कार का प्रयोग करता है

(b) संस्कृत भाषा जानता है

(c) तथ्यों को याद करता है

(d) नए आविष्कार करे

 Answer: (d) नए आविष्कार करे

Explain: वास्तव में संस्कृत व्यक्ति वह है जो नए आविष्कार करता हो।

Q123. सभ्य व्यक्ति वह है जो

(a) अच्छे कपड़े पहनता हो

(b) शिक्षित हो

(c) नए आविष्कार करता हो

(d) जो आविष्कारों का ज्ञाता हो

 Answer: (d) जो आविष्कारों का ज्ञाता हो

Explain: गद्यांश के अनुसार सभ्य व्यक्ति वह कहलाता है, जो आविष्कारों का ज्ञाता हो।

Q124. ‘विद्यार्थी‘ शब्द का संधि-विच्छेद है

(a) विद्यार्थी

(b) विद्या+थी

(c) विद्या+अर्थी

(d) विद्यार्थी

 Answer: (c) विद्या+अर्थी

Explain: विद्यार्थी शब्द का संधि-विच्छेद विद्या + अर्थी है।

Q125.न्यूटन ने गुरूत्वाकर्षण बल की खोज की‘ वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए।

(a) न्यूटन ने गुरूत्वाकर्षण बल की खोज की

(b) न्यूटन द्वारा गुरूत्वाकर्षण बल की खोज की गई

(c) गुरूत्वाकर्षण बल न्यूटन ने खोजा

(d) इनमें से कोई नहीं

 Answer: (b) न्यूटन द्वारा गुरूत्वाकर्षण बल की खोज की गई

Explain: दिए गए वाक्य का कर्मवाच्य रूप होगा – न्यूटन द्वारा गुरूत्वाकर्षण बल की खोज की गई। कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में बदलने पर ‘से’, ‘द्वारा’ आदि शब्दों का प्रयोग किया जाता है।

Q126. ‘पूर्वज‘ का विलोम शब्द है

(a) पूर्वा

(b) पूर्व

(c) अग्रज

(d) अग्रणी

 Answer: (c) अग्रज

Explain: ‘पूर्वज’ शब्द का विलोम ‘अग्रज होता है। पूर्वज पिछली पीढ़ी तथा अग्रज आने वाली पीढ़ी को कहते हैं।

Q127. ‘अनायास‘ का अर्थ है

(a) सरलता से

(b) परिश्रम से

(c) बिना प्रयास के

(d) कठिनाई से

 Answer: (c) बिना प्रयास के

Explain: ‘अनायास’ शब्द का अर्थ ‘बिना प्रयास के’ होता है। स्वाभाविक रूप से हुए कार्य को अनायास कहते हैं।

Q128. ‘आधुनिक‘ का समानार्थी शब्द है

(a) प्राचीन

(b) नवीन

(c) शाश्वत

(d) प्रवीण

 Answer: (b) नवीन

Explain: आधुनिक शब्द का समानार्थी नवीन है। इन दोनों शब्द का अर्थ ‘नया’ होता है।

निर्देश (प्रश्न 129-135): गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए।

विद्याभ्यासी पुरूष को साथियों का अभाव कभी नहीं रहता। उसकी कोठरी में सदा ऐसे लोगों का वास रहता है, जो अमर हैं। वे उसके प्रति सहानुभूति प्रकट करने और उसे समझने के लिए सदा प्रस्तुत रहते हैं। कवि, दार्शनिक और विद्वान् जिन्होंने प्रकृति के रहस्यों का उद्घाटन किया है और बड़े-बड़े महात्मा जिन्होंने आत्मा के गूढ़ रहस्यों की थाह लगा ली है, सदा उसकी बातें सुनने और उसकी शंकाओं का समाधान करने के लिए उद्यत रहते हैं। बिना किसी उद्देश्य के सरसरी तौर पर पुस्तकों के पन्ने उलटते जाना अध्ययन नहीं है। लिखी हुई बातों को विचारपूर्वक पूर्णरूप से हृदय से ग्रहण करने का नाम अध्ययन है। प्रत्येक स्त्री-पुरूष को अपने पढ़ने का उद्देश्य स्थित कर लेना चाहिए। इसके लिए सबसे मुख्य बात यह है कि पढ़ना नियमपूर्वक हो अर्थात् इसके लिए नित्य का समय उपयुक्त होता

(अध्ययन – निबंध, रामचंद्र शुक्ल)

Q129. अध्ययन क्या है?

(a) बिना कारण के पुस्तकों के पन्ने पलटना

(b) नियमपूर्वक पढ़ना

(c) लिखी हुई बातों को विचारपूर्वक हृदय से ग्रहण करना

(d) कुछ भी पढ़ लेना

 Answer: (c) लिखी हुई बातों को विचारपूर्वक हृदय से ग्रहण करना

Explain: ‘अध्ययन’ शब्द का सही अर्थ लिखी हुई बातों को विचारपूर्वक हृदय से ग्रहण करना है। वास्तव में अध्ययन तभी पूर्ण होता है, जब हम सीखी हुई बातों को अपने व्यवहार में लाते हैं और जब हम पुस्तकों में निहित सही अर्थो को ग्रहण करते हैं।

Q130. विद्या का अभ्यास करने वाले व्यक्तियों को साथियों की कमी महसूस नहीं होती है क्योंकि

(a) उन्हें साथी की आवश्यकता नही होती है

(b) उन्हें मित्र बनाना अच्छा नहीं लगता है

(c) पुस्तकें उनकी साथी होती हैं

(d) उनके अनेक साथी होते हैं

 Answer: (c) पुस्तकें उनकी साथी होती हैं

Explain: विद्या का अभ्यास करने वाले व्यक्तियों को कभी साथियों की कमी महसूस नहीं होती है क्योंकि वे विद्या प्राप्त करने के लिए पुस्तकों का अध्ययन करते रहते हैं। कहा भी जाता है कि पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं।

Q131. विद्याभ्यासी पुरूष के पास किसका वास रहता है?

(a) सम्बन्धियों का

(b) पुस्तकों का

(c) गुरूजनों का

(d) इनमें से कोई नहीं

 Answer: (b) पुस्तकों का

Explain: विद्याभ्यासी व्यक्तियों के पास सदैव पुस्तकों का वास होता है। उन्हीं पुस्तकों में बड़े-बड़े कवि, दार्शनिक, महात्मा आदि के विचार निहित होते हैं। वह हमेशा उनके विचारों से घिरा रहता है।

Q132. अध्ययन के लिए किस नियम का दृढ़ता से पालन होना चाहिए?

(a) अध्ययन के लिए नित्य एक समय निश्चित किया जाए

(b) अध्ययन कम-से-कम चार घंटे अवश्य करना चाहिए

(c) अध्ययन स्नान करके ही करना चाहिए

(d) अध्ययन केवल प्रात:काल किया जाए

 Answer: (a) अध्ययन के लिए नित्य एक समय निश्चित किया जाए

Explain: अध्ययन करने के लिए एक समय निश्चित करना चाहिए, जिससे नियमपूर्वक पढ़ने की आदत का विकास होगा।

Q133. कौन-सा शब्द ‘प्र’ उपसर्ग लगाकर नहीं बना है?

(a) प्रयुक्त

(b) प्रसिद्ध

(c) प्रश्न

(d) प्रगति

 Answer: (c) प्रश्न

Explain: ‘प्रश्न’ शब्द में ‘प्र’ उपसर्ग का प्रयोग नहीं किया गया है। बाकी सभी शब्दों में मूल शब्द क्रमशः इस प्रकार हैं – युक्त, सिद्ध और गति।

Q134. ‘विद्वान्‘ शब्द का विलोम है

(a) विदुषी

(b) मूर्ख

(c) मंदबुद्धि

(d) विद्वता

 Answer: (b) मूर्ख

Explain: विद्वान शब्द का विलोम मूर्ख होता है। विद्वान शब्द का अर्थ बुद्धिमान तथा मूर्ख का अर्थ बुद्धिहीन होता है।

Q135. ‘स्त्री-पुरूष‘ में …………. समास है।

(a) द्वंद्व

(b) द्विगु

(c) कर्मधारय

(d) तत्पुरुष

 Answer: (a) द्वंद्व

Explain: स्त्री-पुरुष में द्वंद्व समास है। इस समास के दोनों पद प्रधान होते हैं। इनका विग्रह करने पर ‘और’, ‘या’ शब्दों का प्रयोग किया जाता है जैसे- स्त्री और पुरूषा

निर्देश (प्रश्न 136-150): नीचे दिए गए प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए।

Q136. बोलना कौशल में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है

(a) शुद्ध उच्चारण

(b) समझकर बोलना

(c) आँखों-देखा वर्णन करना

(d) बोलने की तेज़ गति

 Answer: (b) समझकर बोलना

Explain: बोलना कौशल में समझकर बोलने के द्वारा हम अपने भावों की स्पष्ट अभिव्यक्ति दूसरों के सामने कर सकते हैं, जिससे दूसरे व्यक्ति को हमारे भावों या विचारों को समझने में आसानी होती है।

Q137. पढ़ना कौशल में …………… सर्वाधिक महत्वपूर्ण है

(a) अर्थ ग्रहण करना

(b) लिपि-चिह्नों की जानकारी

(c) द्रुत गति से पढ़ना

(d) उच्चारण की शुद्धता

 Answer: (a) अर्थ ग्रहण करना

Explain: पढ़े गए पाठ या विषय-वस्तु का अर्थ बच्चों द्वारा स्पष्ट रूप से समझा जा सके। इस बात को ध्यान में रख कर पठन कौशल का शिक्षण किया जाता है। पठन कौशल में पढ़ी गई विषय-वस्तु का अर्थ समझकर पढ़ना महत्वपूर्ण होता है।

Q138. बहुभाषिक कक्षा में शिक्षक की इतनी योग्यता अवश्य हो कि वह

(a) सभी बच्चों की मातृभाषाओं की संरचनाओं को जान सकें।

(b) पाठ्य-पुस्तक को जल्दी पूर्ण करा सकें।

(c) विभिन्न भाषाओं में पाठों की विषय-वस्तु का शब्दशः अनुवाद कर सकें

(d) सरल प्रश्न-पत्र बना सकें

 Answer: (a) सभी बच्चों की मातृभाषाओं की संरचनाओं को जान सकें।

Explain: बहुभाषी कक्षा में भिन्न-भिन्न भाषिक परिवेश के बच्चे आते हैं तथा उनकी भाषिक संरचनाओं में भिन्नता होती है। बहुभाषी कक्षा के शिक्षक को कम-से-कम इन भिन्न संरचनाओं को समझने के योग्य होना चाहिए जिससे वह प्रत्येक बालक की अभिव्यक्ति को समझें और उन्हें उचित भाषा-ज्ञान दे सकें।

Q139. बहुभाषिकता

(a) बच्चे की अस्मिता का निर्माण करती है

(b) भाषा की कक्षा में अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न करती है

(c) एक अत्यंत जटिल चुनौती है जिसका समाधान संभव नहीं है

(d) भाषा-नीति बनाने में बहुत बड़ी बाधा है

 Answer: (a) बच्चे की अस्मिता का निर्माण करती है

Explain: बहुभाषिकता का सीधा सम्बन्ध बच्चों के संज्ञानात्मक विकास से होता है और जो बालक के अस्मिता के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उदाहरण के तौर पर यदि बालक बहुभाषी है तो उसकी रचनाएँ भी अन्य बालकों से भिन्न होगी, जो उसे कक्षा में अलग पहचान देंगी।

Q140. भाषा में आकलन करते समय आप किसे सबसे कम महत्व देंगे?

(a) परिचर्चा

(b) सृजनात्मक लेखन

(c) प्रश्नों के उत्तर लिखना

(d) प्रश्नों का निर्माण करना

 Answer: (a) परिचर्चा

Explain: आकलन के सन्दर्भ में प्रश्नों के उत्तर लिखना अन्य दिए हुए विकल्पों की अपेक्षा कम महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके द्वारा बालक के भाषा की तथ्यागत जानकारियों का आकलन होता है, पूर्णरूप से भाषा-ज्ञान का नहीं।

Q141. भाषा में आकलन संभव है

(a) केवल परीक्षाओं द्वारा

(b) केवल परियोजना कार्य द्वारा

(c) केवल गतिविधियों द्वारा

(d) सीखने-सिखाने की प्रक्रिया के दौरान अवलोकन द्वारा

 Answer: (d) सीखने-सिखाने की प्रक्रिया के दौरान अवलोकन द्वारा

Explain: सीखने-सिखाने की प्रक्रिया के दौरान अवलोकन के द्वारा भाषा का प्रभावी आकलन संभव है। इसके द्वारा भाषा-शिक्षण में आने वाली समस्याओं का सहजता के साथ समाधान किया जा सकता है। अवलोकन के द्वारा शिक्षक बच्चे की निजी समस्या को समझ कर उसके निवारण की उचित शिक्षा विधि का प्रयोग करता है।

Q142. भाषा-शिक्षक का दायित्व है कि वह

(a) सभी बच्चों से समान रूप से प्रश्न पूछे

(b) सभी बच्चों की सहज भाषायी क्षमता को पहचाने

(c) सभी बच्चों को समान रूप से गृहकार्य दें

(d) सभी बच्चों में भाषा-प्रयोग की एक समान कुशलता विकसित करें

 Answer: (b) सभी बच्चों की सहज भाषायी क्षमता को पहचाने

Explain: सभी बच्चों की सहज भाषाई क्षमता को पहचानने के द्वारा शिक्षक सभी बच्चों की बातों या प्रश्नों को आसानी से समझता है और सहजता के साथ उन प्रश्नों का उत्तर भी दे पाता है।

Q143. विद्यालय आने से पूर्व बच्चे

(a) भाषा का बिल्कुल ज्ञान नहीं रखते।

(b) अपनी भाषा में समझने-समझाने की कुशलता से लैस होते हैं

(c) सभी भाषाओं में पूर्ण दक्षता रखते हैं

(d) भाषा के व्याकरण की सचेत समझ रखते हैं

 Answer: (b) अपनी भाषा में समझने-समझाने की कुशलता से लैस होते हैं

Explain: विद्यालय आने से पूर्व बच्चे अनुकरण के द्वारा अपने परिवेश से अपनी मातृभाषा अर्जित करते हैं। वे अपनी मातृभाषा में विषय-वस्तु को समझने-समझाने की कुशलता से लैस होते हैं।

Q144. बच्चा स्वाभाविक रूप से अपने घर और समाज के वातावरण से  ……… अर्जित करता है।

(a) व्याकरण

(b) भाषा

(c) वाक्य

(d) शब्द

 Answer: (b) भाषा

Explain: चॉम्स्की के अनुसार ‘प्रत्येक बच्चा भाषा अर्जन युक्ति के साथ पैदा होता है’। वह स्वाभाविक रूप से अपने घर और समाज के वातावरण से भाषा अर्जित करता है।

Q145. भाषा-शिक्षण की प्रक्रिया

(a) भाषा की कक्षा में ही संभव है

(b) घर में संभव नहीं है।

(c) विभिन्न विषयों की कक्षाओं में भी संभव है

(d) अत्यंत जटिल प्रक्रिया है

 Answer: (c) विभिन्न विषयों की कक्षाओं में भी संभव है

Explain: भाषा का प्रयोग किये बिना किसी भी विषय का शिक्षण संभव नहीं है। अन्य विषयों की कक्षाओं में विविध रूप से भाषा का प्रयोग किया जाता है। बच्चे दूसरे विषयों को सीखने-समझने के लिए भाषा का उचित प्रयोग करते हैं यह प्रयोग भाषा अधिगम को पुष्ट करता है।

Q146. एकांकी पाठों का सर्वप्रमुख उद्देश्य है

(a) एकांकी विद्या से परिचित कराना

(b) विभिन्न संदर्भो में संवाद बोलने की क्षमता का विकास

(c) एकांकी लिखना सिखाना

(d) एकांकी की समीक्षा करना सिखाना

 Answer: (b) विभिन्न संदर्भो में संवाद बोलने की क्षमता का विकास

Explain: एकांकी पाठों में प्रयुक्त संवादों के  शिक्षण के द्वारा बालको में विभिन्न सन्दर्भो में संवाद बोलने की क्षमता का विकास किया जा सकता है। इसके लिए शिक्षक द्वारा बच्चों से अलग-अलग पात्रों के संवादों का सस्वर वाचन कराने के द्वारा एक नाटक का मंचन कराया जाना चाहिए।

Q147. कविता-शिक्षण में आप सर्वाधिक महत्व किसे देंगे?

(a) कविता का भाव-विश्लेषण

(b) कविता के तत्वों के आधार पर उसकी समीक्षा

(c) कविता का भावपूर्ण पठन और रसानुभूति

(d) कविता के अलंकारों की पहचान

 Answer: (c) कविता का भावपूर्ण पठन और रसानुभूति

Explain: प्रत्येक कविता में छंदबद्ध रूप से भावों को समाहित किया जाता है। बच्चों को कविता के इन भावों को समझने के द्वारा कविता की रसानुभूति करने के योग्य बनाना ही कविता शिक्षण का मुख्य उद्देश्य है।

Q148. किस विद्या के शिक्षण के समय आप मौन-पठन को महत्व देंगे?

(a) कविता

(b) एकांकी

(c) निबंध

(d) संवादात्मक कहानी

 Answer: (c) निबंध

Explain: निबंध शिक्षण में मौन-पठन के द्वारा कम समय में निबंध का अर्थ समझा जा सकता है।

Q149. बच्चों के लिखित कार्य के आकलन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है

(a) वर्तनी

(b) वाक्य-विन्यास

(c) तत्सम शब्दों का प्रयोग

(d) अभिव्यक्त विचार

 Answer: (d) अभिव्यक्त विचार

Explain: बच्चों के लिखित कार्य के आकलन में उनके विचारों की लिखित अभिव्यक्ति का महत्व ज्यादा होता है। इससे बच्चे द्वारा विभिन्न परिस्थितियों में किस प्रकार की भाषा प्रयोग में लायी जा रही है इसका भी आकलन हो पाता है।

Q150. भाषा प्रयोग की कुशलता संभव है

(a) भाषा की पाठ्य-पुस्तक पढ़ने से

(b) अधिक-से-अधिक भाषा-प्रयोग से

(c) केवल भाषा सुनने से

(d) केवल साहित्य पढ़ने से

 Answer: (b) अधिक-से-अधिक भाषा-प्रयोग से

Explain: बच्चों द्वारा जितनी ज्यादा भाषा का प्रयोग किया जायेगा वे उतने ही भाषा प्रयोग में कुशलता हासिल करेंगे। इसलिए भाषा शिक्षक को चाहिए कि वह बच्चों को भाषा प्रयोग करने के उचित अवसर उपलब्ध कराये, जिससे उनकी भाषिक क्षमता का समुचित विकास हो।

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